आईसीसी ने क्रिकेट की वापसी के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। मार्च से कोरोनावायरस के कारण इंटरनेशनल मैच नहीं हुआ है। टेस्ट में उतरना गेंदबाजों के लिए सबसे ज्यादा चुनौती वाला रहेगा। आईसीसी की गाइडलाइंस के अनुसार टेस्ट मैच खेलने से पहले गेंदबाजों को दो से तीन महीने की ट्रेनिंग जरूरी है। ये गेंदबाजों की उम्र, पुरानी चोट, तकनीक और गति पर निर्भर करेगा।

आईसीसी ने कहा कि अगर गेंदबाज जल्दबाजी करते हैं तो चोट का खतरा बढ़ेगा। रिसर्च में बताया गया है कि 7 हफ्ते तक आराम करने से स्पाइन में 2% बोन लॉस हो सकता है। इसे भरने में 24 हफ्तों के समय लग सकता है। इसलिए गेंदबाजों पर धीरे-धीरे लोड बढ़ान‌े का सुझाव दिया गया है।

आईसीसी ने टीमों को बड़े स्क्वायड का उपयोग करने और गेंदबाजों के लोड पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ट्रेनिंग में शामिल होने वाले खिलाड़ियों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा।

वनडे और टी20 में वापसी के लिए भी छह हफ्ते की ट्रेनिंग जरूरी है

वनडे में एक गेंदबाज अधिकतम 10 और टी20 में 4 ओवर फेंक सकता है। 5-6 हफ्तों की ट्रेनिंग के बाद गेंदबाज वनडे या टी20 मैच खेल सकता है। भारतीय खिलाड़ियों ने अभी तक ट्रेनिंग शुरू नहीं की है। अगर वे 1 जून से भी ट्रेनिंग शुरू करते हैं तो जुलाई के अंत तक सीमित ओवरों का मैच खेलने के लिए तैयार हो पाएंगे। टीम को जुलाई में श्रीलंका दौरे पर जाना पड़ सकता है।

पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के इंग्लैंड दौरे पर सवाल खड़े हुए

पाकिस्तान और वेस्टइंडीज को जुलाई-अगस्त में टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करना है। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है। लेकिन वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग शुरू नहीं की है। ऐसे में इन दोनों सीरीज के आयोजन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दोनों देश के खिलाड़ियों को दौरे पर जाने के बाद क्वारैंटाइन में भी रहना होगा।

हर खिलाड़ी अपने-अपने सामान का उपयोग करेगा

  • ट्रेनिंग शुरू करने के लिए सरकार की अनुमति जरूरी। सरकार और आईसीसी की गाइडलाइंस का खिलाड़ियों को पालन करना होगा।
  • खेल की वापसी का प्लान तैयार करने के लिए चीफ मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति जरूरी।
  • खिलाड़ियों के जोखिम कम करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए प्रशिक्षण, मैच स्थलों का जोखिम मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
  • ट्रेवल के लिए चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजेनिक फूड जरूरी।
  • टीम को स्थानीय नियम के अनुसार टेस्टिंग और स्क्रीनिंग कराना जरूरी है। अगर क्वारेंटाइन का नियम है तो उसका पालन करना पड़ेगा।
  • सभी खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरों में ठहराया जाए। मुमकिन हो तो सभी को अलग-अलग फ्लोर मिले।
  • कोई भी खिलाड़ी साथी खिलाड़ियों के साथ अपनी चीजें शेयर नहीं करेगा। अगर कोई इक्विपमेंट शेयर करता है तो साफ-सफाई के नियमों का पालन होना चाहिए।
  • सबसे पहले इंडिविजुअल ट्रेनिंग शुरू होगी। इसके बाद छोटे ग्रुप में फिर टीम साथ में ट्रेनिंग करेगी।


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भारतीय तेज गेंदबाज ईशान शर्मा। -फाइल फोटो


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