एनसीईआरटी ने स्कूल खोलने की तैयारियोंको लेकर सरकार को गाइडलाइन का ड्राफ्ट सौंप दिया है। ड्राफ्ट के अनुसार, स्कूल खुलने के बाद एक कक्षा के बच्चों को एक साथ स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए रोलनंबर के आधार पर ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू किया जाएगा या फिर दो शिफ्टों में कक्षाएं लगेंगी। बच्चों के स्कूल पहुंचने के समय में भी कक्षाओं के हिसाब से 10-10 मिनट का अंतराल होगा। ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कक्षाएं खुले मैदान में लगाई जाएं तो बेहतर होगा।

स्कूल खोलने के 6 चरण

  • पहला चरण- 11वीं-12वीं की कक्षाएं शुरू होंगी।
  • 1 हफ्ते बाद- 9वीं-10वीं की कक्षाएं शुरू होंगी।
  • 2 हफ्ते बाद- 6वीं से 8वीं तक कक्षाएं शुरू होंगी
  • 3 हफ्ते बाद- तीसरी से 5वीं तक शुरू होंगी।
  • 4 हफ्ते बाद- पहली-दूसरी की कक्षाएं शुरू होंगी
  • 5 हफ्ते बाद- अभिभावकों की सहमति से ही नर्सरी-केजी की कक्षाएं शुरू की जा सकेंगी।
  • लेकिन, कंटेनमेंट जोन के स्कूल तब तक बंद ही रहेंगे, जब तक इलाका ग्रीन जोन नहीं बन जाता।

स्कूल: क्लास में बच्चों के बीच 6 फीट की दूरी जरूरी

  • क्लास रूम में 30 या 35 बच्चे ही बिठाए जा सकेंगे। छात्रों के बीच 6 फीट की दूरी जरूरी होगी।
  • क्लासरूम में एसी नहीं चलेंगे। दरवाजे-खिड़कियां खुली रहेंगी।
  • छात्रों को ऑड-ईवन के आधार पर बुलाना होगा। लेकिन, होम असाइनमेंट रोज देना होगा।
  • डेस्क पर नाम लिखा होगा, ताकि बच्चे रोज एक ही जगह बैठ सके।
  • हर 15 दिन में बच्चे की प्रोग्रेस पर अभिभावकों से बात करनी होगी।
  • प्रबंधन सुनिश्चित करेगा कि कमरे रोज सैनिटाइज हो रहे हैं।
  • आयोजन नहीं होंगे। जैसे मॉर्निंग एसेंबली और वार्षिकोत्सव आदि।
  • स्कूल के बाहर किसी भी तरह के खाने-पीने के स्टाल नहीं लगेंगे।
  • स्टाफ और छात्रों के प्रवेश करने से पहले स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी।

बच्चे: काॅपी, पेन, पेंसिल, खाना शेयर नहीं कर सकेंगे

  • हर बच्चे के लिए मास्क जरूरी।
  • छात्र काॅपी, पेन, पेंसिल, इरेजर आदि शेयर नहीं कर सकेंगे।
  • छात्र पानी साथ लाएंगे। खाना किसी से शेयर नहीं कर सकेंगे।
  • जो छात्र स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखेंगे, उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा।

अभिभावक: फ्रंटलाइन पर हैं तो बताना होगा

  • जो अभिभावक चिकित्सा, सुरक्षा या सफाई के कामों से जुड़े हैं, उन्हें इसके बारे में स्कूल को पहले ही सूचित करना होगा।
  • शिक्षकों से वही मिल सकेंगे, जो फोन पर संपर्क नहीं कर सकते।
  • पीटीएम नहीं होगी, हर 15 दिन में स्कूल से बच्चे की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर बात कर सकते हैं।

ट्रांसपोर्ट: एक सीट परएक ही बच्चा बिठाना होगा
ट्रांसपोर्ट को लेकर जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन जारी होगी। एक सीट पर एक ही बच्चा बैठेगा।
हॉस्टल: 6-6 फीट की दूरी पर बेड लगाने होंगे
क्षमता के 33% छात्र हॉस्टल में रहेंगे। बेड 6-6 फीट की दूरी पर लगेंगे। वे बाजार नहीं जा सकेंगे।



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जो छात्र स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखेंगे, उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा। (फाइल)


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