फोटो चंडीगढ़ की है। यहां पिछले तीन-चार दिन से गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। मंगलवार को पारा 41 डिग्री रहा। उमस ने भी लोगों को दिनभर परेशान रखा। मंगलवार दोपहर को एक महिला सिर पर पानी से भरीपॉलिथिन रखकर जाती हुई दिखाई दी। थोड़ी देर के लिए ही सही, लेकिन महिला कोगर्मी से राहत तो मिली।

सीजन की सबसे गर्म रात, पारा 33.6, दिन का पारा 47.4 डिग्री

फोटो राजस्थान के बीकानेर की है। मंगलवार को बीकानेर और जैसलमेर राजस्थान के सबसेगर्म शहर रहे। पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस दोनों जगह दर्ज किया गया। बीती रात सीजन की सबसे गर्म रात मानी गई क्योंकि तापमान 34 डिग्री सेल्सियस को छूने लगा है, न्यूनतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में एक व्यक्ति काम की तलाश में हाथ गाड़ी लेकर निकला।

झारखंड आने के लिए 30 किमी अतिरिक्त सफर करना होगा

फोटो बिहार के बांका जिले की है। 1996 में तीन करोड़ की लागत से बांका शहर के पूर्वी छोर के चांदन नदी पर बना पुल मंगलवार सुबह ध्वस्त हो गया। इससे बिहार का झारखंड, उड़ीसा, पश्चिमबंगाल और आंध्र प्रदेशसे संपर्क टूट गया। अब झारखंड में प्रवेश करने के लिए लोगों को 30 किमी अतिरिक्त सफर करना होगा। झारखंड स्थित ढाका मोड़ पहुंचने के बाद ही लोग अन्य राज्यों में प्रवेश कर सकेंगे।

लॉकडाउन:इस बार एक दिन में मनायागाजन पर्व

फोटो झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया गांव की है। चाकुलिया शिव मंदिर परिसर में सोमवार को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत गाजन पर्व का मनाया गया। वैसे गाजन पर्व 5 दिन तक मनाया जाता है, लेकिन इस साल कोरोनाके मद्देनजर एक दिन में सभीपरंपराएं पूरा करने का निर्णय लिया था। भक्तों ने जमीन पर लेट कर, जीभ में कील घोंप कर, आग के ऊपर झूल भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रदर्शन किया।

बैजाताल में काईयुक्त पानी भरा

फोटो मध्यप्रदेश के ग्वालियर की है। यहां मोतीमहल और बैजाताल को संवारने पर तीन वर्षों में 10 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए लेकिन जिम्मेदारों ने इनकी सुंदरता को बरकरार रखने के इंतजाम नहीं किए। बैजाताल में बारिश का गंदगी और काईयुक्त पानी जमा हो गया है। यहां 1.56 करोड़ रुपए में लगाए गए एसटीपी का उपयोग नहीं हो रहा है।

बाहर से इमारतें देखकर लौट रहे पर्याटक

फोटो मध्यप्रदेश के प्राचीन शहर मांडू की है।20 मार्च से बंदमांडू की 61 इमारतों को देखने के लिएहर साल यहांलगभग5 लाख पर्यटक आते हैं।बरसात शुरू होते ही यहां पर्यटक आना शुरू हो जाते हैं। इस बार लॉकडाउन के चलते पर्यटक प्राचीन इमारतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। मंगलवार को मांडू में 100 से ज्यादा पर्यटक अशर्फी महल और जामी मस्जिदके सामने दिखे, लेकिन बाहर से ही इमारते देखकर लौट गए।

बरगद की जड़ों में डाली मिट्‌टी, दे रहे खाद-पानी

फोटो भोपाल की है।पिछले दिनों हुई बरसात में कमला पार्क के भीतर गिरे करीब 200 साल पुराने बरगद को फिर जिंदा करने की कोशिश की जा रही है। उद्यानिकी विभाग के साथ नगर निगम ने इसका बीड़ा उठाया है। विभागइस पेड़ को उसी स्थान पर फिर से लगाने की संभावनाएं तलाशरहा है। पेड़ की जमीन के भीतर वाली 90%जड़ें खराब हो चुकी हैं। जड़ों को ढकने के लिए मंगलवार को तीन ट्रक मिट्टी डाली गई।

10 दिनमें दूसरी बार पहुंचा टिड्डी दल

फोटो राजस्थान के पाली की है।4 किमी लंबे दो टिड्डी दलों ने राणावास इलाके के एक दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में तबाही मचाई। इन टिड्डियों ने खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया। ग्रामीणों ने ढोल-थाली समेत लाठियों से टिड्डियों को भगाने का प्रयास किया। संख्याकाफी होने सेटिड्डियों नेखेतों में कपास समेत अन्य किस्म की फसलों को पूरी तरह से चट कर दिया।

सजा के नाम पर युवक से की बर्बरता

फोटो राजस्थान के पाली जिले के भारुंदा गांव की है। यहां कथित पंचों ने सजा के नाम पर एक युवक से बर्बरता की सभी हदें पार कर दीं।विवाहिता से प्रेम प्रसंग के आरोप में पंचों नेयुवक कोगांव से अगुवा किया, फिर सिरोही के निकट सुपरणा (सरदारपुरा) गांव ले जाकरबुरी तरह पीटा औरजूते में पानी भरकर पिलाया।इतना सब किए जाने के बाद भी वे नहीं रुके और युवक को मूत्र पिलाया। आरोपियों ने इस युवक के चाचा और भाई को भी मौके पर बुलायाऔर रातभर पेड़ से बांधकर रखा। दूसरे दिन सुबह पीड़ित के माता-पिता मौके पर पहुंचे तो उनसे दंडस्वरूप 5 हजार रुपए वसूले।



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When the heat showed, the woman put polythene filled with water on her head, in Jharkhand, the youth celebrated Gajan festival by swinging over the fire


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