राजस्थान की कांग्रेस सरकार मुश्किल में दिख रही है।सोमवार सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट शामिल नहीं होंगे। पायलट खेमे की ओर से दावा किया जा रहा है कि उनके समर्थन में 30 विधायक हैं।इधर, गहलोत खेमे ने 100 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया है। इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी ने कहा है कि ये कांग्रेस का आंतरिक मामला है।

क्या सचिन बनेंगे सिंधिया

हाल ही में मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनके साथ 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी और राज्य में बीजेपी की सरकार बनी। बीजेपी ने सिंधिया को राज्यसभा भेज दिया। अब यह कयास लगाए जा रहेहैं कि मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम को राजस्थान में भी दोहराया जा सकता है और बीजेपी के लिए पायलट, सिंधिया की भूमिका निभा सकते हैं।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने रविवार को कहा था कि पायलट के साथ उनके मतभेद हैं, लेकिन मनभेद नहीं है।

पिछले एक महीने में सचिन पायलट ने कुल 117 ट्वीट किए हैं। इसमें से केंद्र सरकार के खिलाफ 25 ट्वीटहैं। जिनमें गलवान घाटी में भारत-चीन हिंसक झड़प, पेट्रोल डीजल की बढ़ते दाम, कोरोना महामारी और प्रियंका गांधी की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर ट्वीट किए।

8 जुलाई को सचिन पायलट ने लिखा- केंद्र सरकार बदले और दमन की राजनीति कर रही है। लोकतंत्र में विपक्ष को दबाकर खत्म नहीं किया जा सकता। क्योंकि, एक सच्चा विपक्ष जनता की आवाज़ होता है। जांच के नाम पर सिर्फज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है, इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं है।

3 जुलाई को पायलट ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि चीन ने हमारी जमीन हड़प ली है। यही वीडियो राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया था।

2 जुलाई को पायलट ने प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाने पर ट्वीट किया था और केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा कि देश में ऐसे कई नेता हैं, जिन्हें कोई पद नहीं होने के बाद भी सुरक्षा दी गई है। प्रियंका गांधी जी को टारगेट करना पूरी तरह राजनीतिक है। जब देश कोरोना महमारी से जूझ रहा है, ऐसे में एसपीजी सुरक्षा हटाना प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए।

कहा जा रहा है किज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर पायलट चल पड़े हैं। हाल ही में सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी। अभी राज्यसभा सांसद हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार का विरोध

29 जून को पायलट ने लिखा- जहां एक तरफ पूरा देश और दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहाहैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार बार-बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर मध्यम वर्ग, गरीब वर्ग एवं किसानों पर आर्थिक प्रहार करने का काम कर रही है।

इसी दिन अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि - कोरोना महामारी के इस संकट के समय में भी पिछले तीन महीनों के दौरान केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों तथा उस पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क में निरंतर वृद्धि करके जनता पर अनावश्यक बोझ डालने का कार्य किया है, जिससे आमजन में रोष और असंतोष व्याप्त है।

सचिन पायलट की पत्नी सारा ने भी एक के बाद एक 6 ट्वीट किए। उन्होंने लिखा- बड़े- बड़े जादूगरों के पसीने छूट जाते हैं जब हम दिल्ली का रुख करते हैं।

26 जून को पायलट ने गलवान में शहीद हुए जवानों को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- हमारी सरहदों को मजबूत व सुरक्षित रखने के लिए पूरा देश एकजुट है। हमारे आपस मे वाद-विवाद हो सकते है लेकिन जब सेना और भारत माता की बात आती है तो पूरा देश एक है और एक रहेगा। जिन लोगों की जवाब देने की जिम्मेदारी है, उनको आगे आकर स्पष्ट करना चाहिए कि हमारी सीमा का उल्लंघन हुआ है या नही।

चीन के मुद्दे पर पीएम से सवाल

इसी दिन एक दूसरे ट्वीट में पायलट ने केंद्र से सवाल पूछते हुए लिखा-हाल ही में शहीद हुए 20 जवानों को आज कांग्रेस और पूरे देश ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों को निहत्था किसने भेजा? चीन अतिक्रमण का दावा कर रहा है। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय स्पष्टता नहीं दे पा रहे हैं। जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए हम क्या कर रहे हैं? बता दें कि राहुल गांधी और कांग्रेस के दूसरे नेता भी लगातार यही सवाल केंद्र सरकार और पीएम से पूछते रहे हैं।

अपने कार्यकर्ताओं पर आंच नहीं आने दूंगा

23 जून को पायलट ने लिखा कि जिन कार्यकर्ताओं ने पांच साल तक कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की और अपना खून-पसीना बहाया, उन लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करना मेरा प्रथम कर्तव्य है। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने कड़ी मेहनत की हैं, उन्हें पद मिलना चाहिए, सरकार में भागीदारी मिलनी चाहिए, उनका हक दिलाना मेरा कर्तव्य है। उनकी प्रतिष्ठा पर मैं आंच नहीं आने दूंगा।

23 जून को ही पायलट ने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि राज्यसभा चुनावमें हमारा जो संख्या बल था, उसी के आधार पर पार्टी के दोनों उम्मीदवारों को बहुमत मिला और हमने जो मूल्यांकन किया था वो सही निकला। हमारी पार्टी के विधायक, निर्दलीय विधायक एवं हमारे समर्थक दलों के विधायक सभी साथ रहे। इसके साथ शेयर किए हुए वीडियो में उन्होंने कहा कि हमारे दोनों उम्मीदवार जीते, इसका मतलब है कि बीजेपी ने जो बातें कही थी, जो आरोप लगाए, उनमें कोईसच्चाई नहीं है।

23 जून को अपने एक दूसरे ट्वीट में पायलट ने लिखा-केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के इस संकटकाल में भी लगातार 17वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि करके अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में कमी होने के बावजूद भी सरकार लगातार बढ़ोतरी कर आमजन की मुसीबतें बढ़ा रही है।

22 जून को सचिन पायलट ने लिखा- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने वर्तमान भारत-चीन मसले के सन्दर्भ में बहुत महत्वपूर्ण बातें कही हैं। केंद्र सरकार को मनमोहन सिंह जी की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।

20 जून को उन्होंने एक बार फिर से चीन मसले को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा-जिस प्रकार से हमारी पूर्वी सीमा पर जो भयानक घटनाक्रम हुआ है, वह बहुत दुःखद है। हमारी सीमाओं पर जो चुनौतियां हैं उनका सामना करने के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा और सीमाओं पर जो तनाव है, सरकार उसका स्पष्टीकरण करें। आज हम सब एक हैं और हमारी सेना के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं।

16 जून को गलवान में चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसको लेकर पायलट ने लिखा किसरकार को इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत ठोस और पर्याप्त जवाबी कदम उठाने चाहिए। पूरा देश एकजुट है।

सचिन पायलट की पत्नी सारा ने भी रविवार को 6 ट्वीट किए। एक ट्वीट में लिखा- राजस्थान का भविष्य पायलट।



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राजस्थान की गहलोत सरकार संकट में है। सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच मतभेद की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि पायलट कांग्रेस छोड़ने का मन बना चुके हैं। -फाइल फोटो


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