गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे बड़ा त्योहार है। लेकिन इस बार 22 अगस्त से शुरू होने वाले उत्सव में कोरोना के कारण विघ्न पड़ गया है। राज्य में 60 हजार से अधिक गणेश मंडल हैं। 12 हजार मुंबई में ही हैं। मुंबई मेंं करीब 2 लाख घरों में भी प्रतिमा स्थापित की जाती है। बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेश दहीबावकर बताते हैं कि इस बार 40% गणेशोत्सव पंडाल कम स्थापित होंगे। यानी करीब 7200 पंडालों में ही भगवान विराजेंगे।

‘लालबाग के राजा’ इस साल नहीं विराजेंगे, पढ़िए प्रमुख गणेशोत्सव मंडल क्या करेंगे

  • 100 साल पुराने ‘चिंचपोकली के चिंतामणि’ में छोटी प्रतिमा

‘चिंचपोकली के चिंतामणि’ का यह 101वां वर्ष है। मंडल अध्यक्ष उमेश सीताराम नाईक ने बताया कि पिछले साल 18 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की थी। मगर इस बार प्रतिमा नहीं लाएंगे। केवल चांदी की छोटी प्रतिमा लाएंगे। इसका विसर्जन नहीं करेंगे। वहीं दक्षिण मुंबई के खेतवाड़ी इलाके में भी 3 फुट ऊंची प्रतिमा लाई जाएगी। यहां पिछले साल 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी।

  • जीएसबी गणपति में ऑनलाइन बुकिंग से होंगे दर्शन, विशेष रियायत मांगी

जीएसबी सेवा मंडल के ट्रस्टी आरजी भट्‌ट ने कहा कि हम गणेशोत्सव मनाएंगे। दर्शन के ऑनलाइन स्लॉट देंगे। हर साल गणेश को 70 किलो सोने व 350 किलो चांदी सहित 22 करोड़ के गहने पहनाए जाते हैं। छोटी प्रतिमा में यह संभव नहीं है। विशेष रियायत मांगी है।

  • ‘अंधेरी का राजा’ की 2028 तक बुकिंग, फैसला बाकी

आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति द्वारा आयोजित ‘अंधेरी का राजा’ गणेशोत्सव मंडल ने गणपति की प्रतिमा के सांचे का 2016 से ट्रेडमार्क ले रखा है। लोगों में प्रतिमा बनाने के लिए दान करने की इतनी चाहत है कि 2028 तक बुकिंग फुल है। फिल्म निर्माता रोहित शेट्‌टी जैसे स्टार वेटिंग में हैं। प्रवक्ता उदय सालियन बताते हैं कि सावन में गणेशोत्सव मनाने के बारे में विस्तृत चर्चा कर निर्णय लेंगे।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
इस बार 22 अगस्त से शुरू होने वाले उत्सव में कोरोना के कारण विघ्न पड़ गया है


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dZVTht

Post a Comment

Previous Post Next Post