भारत में कोरोना संक्रमण आए हुए आज 200 दिन हो गए। इसी साल 30 जनवरी को देश में संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। केरल में पहला मरीज मिला था। तब से लेकर आज तक यानी इन 200 दिनों में 25 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा भी 50 हजार के पार हो चुका है।

पूरी दुनिया में अब सबसे ज्यादा मरीज भारत में मिल रहे हैं। यहां हर 10 लाख की आबादी में 1,857 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इस हिसाब से हर रोज 60 से 67 हजार के बीच नए मरीज मिल रहे हैं। संक्रमितों के बढ़ने की रफ्तार अगर यही रही तो साल के अंत तक देश में मरीजों का आंकड़ा एक करोड़ के पार हो जाएगा। वहीं, मरने वालों की संख्या 1.74 लाख से ज्यादा हो जाएगी।

अब तक जितने मामले आए, उसमें से 92% से ज्यादा अनलॉक होते ही मिले

कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया। उसके बाद 2 फरवरी तक केरल में ही दो मरीज और मिले। ये तीनों ही चीन के वुहान शहर से लौटे थे। इसके बाद करीब एक महीने तक देश में कोई भी नया मरीज नहीं मिला। लेकिन, 2 मार्च के बाद से देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा।

देश में पहला मरीज मिलने के 55 दिन बाद 25 मार्च से टोटल लॉकडाउन लगाया गया। उसके बाद चार बार कुछ-कुछ रियायतों के साथ 31 मई तक लॉकडाउन रहा। तब तक देश में 1.90 लाख मामले थे। 67 दिन बाद एक जून से देश से लॉकडाउन हटा और अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई।

इसके बाद महज 39 दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख और अगले 20 दिनों में 10 लाख पहुंच गया। फिर 10 से 25 लाख मामले होने में महज 29 दिन लगे। आंकड़े बताते हैं कि देश में 92.61% मामले लॉकडाउन खुलने के बाद ही मिले। इसी तरह अब तक 50 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं, जिनमें से 89.23% मौतें यानी 44 हजार 795 मौतें देश अनलॉक होने के बाद हुईं हैं।

हर रोज 8.5 लाख टेस्टिंग, इनमें 8.25% लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही

देश में अब तक 2 करोड़ 90 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। अब तक इनमें 8.98% लोग संक्रमित मिल रहे। केंद्र सरकार लगातार जांच का दायरा बढ़ा रही है। अब हर रोज 8.5 लाख लोगों की जांच हो रही है। इनमें 8.25% लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। मार्च, अप्रैल, मई, जून और जुलाई के आंकड़ों का एनालिसिस करें तो सबसे ज्यादा जुलाई में 11 लाख से ज्यादा मरीज मिले। जुलाई में देश में 10.55% की रफ्तार से मरीज बढ़े हैं।

अच्छी बात ये है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी 71% से ज्यादा हुई

देश में संक्रमितों की बढ़ने की रफ्तार काफी तेज हो गई है। हालांकि, इस बीच अच्छी खबर ये है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी लगातार बढ़ती जा रही है। अब देश में रिकवरी रेट 71.82% पहुंच गया है। मतलब हर 100 मरीजों में 71 लोग ठीक हो जा रहे हैं। 31 जुलाई तक रिकवरी रेट 64.55% वहीं 30 जून तक 52.94% था। मई में 48.18%, अप्रैल में 25.98% की दर से मरीज ठीक हो रहे थे।

दुनिया में 52% संक्रमित केवल भारत, अमेरिका और ब्राजील में
दुनिया में अब तक 2.11 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1.39 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 7.58 लाख से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी है। दुनिया में कुल संक्रमितों में 52% मरीज केवल भारत, अमेरिका और ब्राजील से ही हैं।

यही नहीं यहां एक्टिव केस की संख्या भी सबसे ज्यादा 59% है। मतलब, अभी दुनिया में जितने मरीजों का इलाज चल रहा है। उनमें 59% मरीज केवल भारत, अमेरिका और ब्राजील से हैं।

महज 10 दिनों में मरने वालों का आंकड़ा 40 हजार से 50 हजार तक पहुंच गया
देश में संक्रमण के चलते मरने वालों का आंकड़ा शनिवार को 50 हजार के पार हो गया। हालात ये है कि पिछले 10 दिनों में ही 10 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यह रफ्तार लगातार तेज हो रही है। देश में कोरोना से पहली मौत 11 मार्च को हुई थी। फिर, 97 दिन में मरने वालों की यह संख्या 10 हजार हो गई।

इसके बाद मौत की यह रफ्तार इतनी तेज हो गई कि अगले 40 दिनों में ही संक्रमण से होने वाली मौतों का यह आंकड़ा 10 हजार से बढ़कर 50 हजार तक पहुंच गया। इसी के साथ भारत अब दुनिया का चौथा देश हो गया है जहां सबसे ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। दुनिया में कोरोना से लगभग 7 लाख 63 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। इनमें 6.5% मरने वाले भारत से थे।

यानी दुनिया में कोरोना से जान गंवाने वाले हर 100 मरीजों में से 7 भारतीय हैं।



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200 days of coronavirus in india. If the ratio of infection does not stop, by the end of the year, cases will cross to 1 crore.


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