चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने शनिवार को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट के जरिए उसने भारत के ‘बायकॉट चाइनीज प्रोडक्ट्स’ अभियान का मजाक उड़ाया। इसके लिए उसने चीन के कस्टम डिपार्टमेंट का डेटा शेयर किया। जिसके मुताबिक, चीन का भारत को होने वाला एक्सपोर्ट बढ़ा है। जून में जहां 4.78 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट हुआ था, जुलाई में 5.60 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट हुआ।

हालांकि, भारत की मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स का डेटा इससे अलग कहानी बयां करता है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के डेटा के मुताबिक, चीन से होने वाले इम्पोर्ट में कमी आई है।

चीन का डेटा क्या कहता है?
चीन के कस्टम डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, जून के मुकाबले जुलाई में भारत में होने वाला एक्सपोर्ट बढ़ा है। चीन का डेटा बताता है कि जून में भारत में चीन से 4.78 अरब डॉलर (35 हजार 850 करोड़ रुपए) का सामान आया था और जुलाई में 5.60 अरब डॉलर (42 हजार करोड़ रुपए) का सामान आया। इस हिसाब से चीन से भारत को होने वाला एक्सपोर्ट जून की तुलना में जुलाई में 17% से ज्यादा बढ़ा।

भारत का डेटा क्या कहता है?
मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स की वेबसाइट पर अभी जुलाई का डेटा आना बाकी है, लेकिन पिछले महीनों के आंकड़े चीन के डेटा से अलग हैं। चीन का डेटा बताता है कि भारत ने चीन से जून में 35 हजार 850 करोड़ रुपए का सामान लिया था, जबकि भारत का डेटा बताता है कि भारत ने चीन से जून में 25 हजार 176 करोड़ रुपए का सामान मंगाया था।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स का डेटा बताता है कि इस साल जनवरी से जून के बीच भारत ने चीन से इम्पोर्ट कम किया है। इस साल 6 महीनों में भारत ने चीन से 1.79 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया था, जो पिछले साल के मुकाबले 24% से ज्यादा कम है।

एक तरफ भारत ने चीन से आने वाले इम्पोर्ट को कम किया है, दूसरी तरफ से चीन को होने वाले एक्सपोर्ट को बढ़ाया भी है। इस साल भारत ने जनवरी से जून के बीच चीन को 68 हजार 680 करोड़ रुपए का सामान एक्सपोर्ट किया है, जो पिछले साल की तुलना में 17% ज्यादा है।

चीन का डेटा ही बता रहा, भारत से होने वाला एक्सपोर्ट 25% तक घटा
चीन के कस्टम डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, इस साल जनवरी से जुलाई के बीच भारत-चीन के बीच 43.37 अरब डॉलर यानी 3.25 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। जो पिछले साल के इन्हीं 7 महीनों के दौरान 18.6% कम है।

इसके साथ ही चीन से भारत को होने वाले एक्सपोर्ट में भी 24.7% की कमी आई है। इस साल जनवरी से जुलाई के बीच चीन से 32.28 अरब डॉलर (2.42 लाख करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट हुआ है।

दिलचस्प बात ये भी है कि जब चीन से भारत को होने वाला एक्सपोर्ट घटा है, उसके उलट भारत से चीन को होने वाला इम्पोर्ट बढ़ा है। इस साल चीन को भारत से 11.09 अऱब डॉलर (83 हजार 175 करोड़ रुपए) का इम्पोर्ट हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 6.7% ज्यादा है।

5 साल में पहली बार भारत-चीन के बीच कारोबार कम हुआ
2011-12 से पहले तक यूएई हमारा सबसे बड़ा कारोबारी देश हुआ करता था। लेकिन, उसके बाद यूएई की जगह चीन ने ले ली। 2011-12 से लेकर 2017-18 तक चीन हमारा सबसे बड़ा कारोबारी देश बना रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार भी बढ़ा।

2011-12 में भारत-चीन के बीच 3.52 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। जो 2017-18 में बढ़कर 5.78 लाख करोड़ रुपए का हो गया। चीन के साथ होने वाले कारोबार में 2011-12 की तुलना में 2017-18 में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

लेकिन, 2018-19 में चीन की जगह अमेरिका ने ले ली और अमेरिका भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार बन गया। इतना ही नहीं, 2019-20 में चीन के साथ होने वाला कारोबार 2018-19 की तुलना में करीब 5% कम हुआ है। ये 5 साल में पहली बार है, जब भारत-चीन के बीच होने वाले कारोबार में गिरावट आई है।

2018-19 में दोनों देशों के बीच 6.09 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था, जबकि 2019-20 में 5.79 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।



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The Global Times of China called 'Boycott China' a flop; But the truth is that imports from China decreased by 24% in 6 months


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