आलाकमान के दखल और सचिन पायलट को एडजस्ट करने के फॉर्मूले पर चर्चा के बाद राजस्थान सरकार पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है। लेकिन, बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में जाने के मामले में कोर्ट फैसला सुनाएगा। सुप्रीम कोर्ट में आज भाजपा विधायक मदन दिलावर की अर्जी और बसपा की ट्रांसफर पिटीशन पर सुनवाई होगी।

बसपा की मांग- विधायकों के वोटिंग राइट्स पर रोक लगे
दिलावर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है कि बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने की मंजूरी के लिए स्पीकर ने 18 सितंबर 2019 को जो आदेश दिया था, उस पर रोक लगाई जाए। खुद बसपा ने भी इस मामले को चुनौती दे रखी है। उसकी अपील है कि अर्जी हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की जाए। सभी 6 एमएलए को विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में किसी भी पार्टी के पक्ष में वोटिंग से भी रोका जाए।

दिलावर की पिटीशन पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कुछ मिनट सुनवाई हुई। उनके वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमने पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अर्जी लगाई थी। लेकिन हमें वहां से कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिलावर की अर्जी पर मंगलवार को बसपा की ट्रांसफर पिटीशन के साथ ही सुनवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में स्टे पर सुनवाई
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में भी आज दिलावर और बसपा की अर्जियों पर सुनवाई होगी। दिलावर की अपील है कि जब तक कोर्ट का आखिरी फैसला नहीं आता तब तक बसपा विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होने दिया जाए।

कांग्रेस ने पक्षकार बनने की अर्जी लगाई
इस मामले में कांग्रेस ने भी हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। उसकी अपील है कि पार्टी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और चीफ व्हिप महेश जोशी को भी पक्षकार बनाया जाए। कांग्रेस ने कहा है कि 18 सितंबर 2019 को एक आदेश के जरिए बसपा के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय हो गया। इसलिए अब ये सभी 6 विधायक बसपा के नहीं होकर राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के विधायक हैं।



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बसपा ने अपील की है कि उसके विधायकों के कांग्रेस में जाने के खिलाफ उसकी अर्जी राजस्थान हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की जाए। (फाइल फोटो)


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