यूजर्स के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहे भारत में दोबारा आने के लिए टिकटॉक बेकरार है। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस इसके भारतीय कारोबार को बेचने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाइटडांस शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक का भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को बेच सकती है। इस संबंध में दोनों कंपनियों के बीच जुलाई के आखिर में बातचीत शुरू हुई थी। हालांकि, दोनों कंपनियां अभी किसी भी सौदे पर नहीं पहुंची हैं। इस पर रिलायंस, बाइटडांस और टिकटॉक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत ने टिकटॉक समेत चीन 106 ऐप पर बैन लगाया है

लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद भारत सरकार ने चीन की कंपनियों के 59 ऐप पर बैन लगा दिया था। इसमें टिकटॉक, वीचैट, अलीबाबा ग्रुप का यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज जैसे पॉपुलर ऐप शामिल थे। इसके बाद सरकार ने पिछले महीने जुलाई में भी चीन के 47 ऐप पर बैन लगाया था। इसमें अधिकांश पहले बैन किए गए ऐप के क्लोन थे। इस प्रकार भारत सरकार अब तक चीन के 106 ऐप पर बैन लगा चुकी है। टिकटॉक के भारतीय कारोबार की वैल्यू 3 बिलियन डॉलर के करीब आंकी गई है।

पिछले सप्ताह अमेरिका ने दी टिकटॉक पर बैन को मंजूरी

पिछले सप्ताह अमेरिका ने भी चीनी ऐप टिकटॉक पर बैन को मंजूरी दी थी। इस संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक प्रस्ताव पर साइन कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिका ने बाइटडांस को टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है। यदि बाइटडांस 15 सितंबर तक कोई सौदा नहीं कर पाती है तो टिकटॉक पर लगाया गया बैन लागू हो जाएगा।

अमेरिकी कारोबार के लिए माइक्रोसॉफ्ट-ट्विटर से चल रही बातचीत

टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार खरीदने के लिए सबसे पहले माइक्रोसॉफ्ट सामने आई थी। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इसकी जानकारी दे दी थी। ट्रंप ने भी माइक्रोसॉफ्ट के ऑफर का समर्थन किया है। अभी टिकटॉक के अमेरिकी कारोबार को बेचने को लेकर माइक्रोसॉफ्ट और बाइटडांस में कोई अंतिम सौदा नहीं हो पाया है। इस बीच पिछले सप्ताह यह खबर भी आई थी कि टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार खरीदने के लिए ट्विटर भी बाइटडांस से बातचीत कर रही है। टिकटॉक के अमेरिकी कारोबार की वैल्यू 30 बिलियन डॉलर के करीब आंकी गई है।

2019 में बाइटडांस ने भारत से 43.7 करोड़ कमाए

2019 में बाइटडांस ने भारत में 43.7 करोड़ रुपए का कारोबार किया। कंपनी को 3.4 करोड़ का रुपए का प्रॉफिट हुआ। अमेरिका से कंपनी को 650 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। वहीं, चीन से कंपनी को 2500 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला। कारोबारी रेवेन्यू के हिसाब से भारत बाइटडांस के टॉप 10 देशों में शामिल नहीं है। ऐप्स बिजनेस कारोबार पर नजर रखने वाली सेंसर टॉवर के मुताबिक, टिकटॉक के यूजर बेस में तेजी से इजाफा हो रहा है। 29 अप्रैल के डेटा के अनुसार, दुनिया भर में टिकटॉक 200 करोड़ बार डाउनलोड किया गया। दुनियाभर में टिकटॉक के 80 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं।

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यूजर्स के लिहाज से टिकटॉक के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहा है।


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