रिपब्लिकन के डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक के जो बिडेन अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में आमने-सामने हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए 538 इलेक्टोरल वोट में से 270 जीतने की जरूरत है। 2016 के चुनाव में ट्रम्प को 304 में जीत मिली थी। इस बार 218 इलेक्टोरल वोट पर बिडेन का पलड़ा भारी लग रहा है।

इसमें ज्यादातर वो राज्य हैं, जहां पिछली बार उनकी पार्टी की हिलेरी क्लिंटन को जीत मिली थी। इस बार बिडेन की जीत पक्की दिख रही है। सबसे ज्यादा 55 इलेक्टोरल कैलिफोर्निया में हैं। 30% से ज्यादा वोट पाकर क्लिंटन जीतीं थी। दूसरी तरफ सिर्फ 125 इलेक्टोरल में ही ट्रम्प की जीत पक्की दिखाई दे रही है। वहीं अन्य जगह उनकी स्थिति खराब हुई है।

टेक्सस से ट्रम्प को सबसे ज्यादा 36 इलेक्टोरल वोटर मिले थे

टेक्सस से ट्रम्प को सबसे ज्यादा 36 इलेक्टोरल वोट मिले थे। यहां हिस्पैनिक, एशियन-अमेरिकन और अश्वेत समुदाय की संख्या बढ़ी है। ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट की वजह से यहां उन्हें नुकसान हो सकता है। 20 इलोक्टोरल वाले पेंसिल्वेनिया में 0.71% ज्यादा वोट पाकर ट्रम्प को जीत मिली थी।

यहां भी इस बार उनके लिए स्थिति खराब दिख रही है। डोनाल्ड ट्रम्प को दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए उन राज्यों में जीत हासिल करने पड़ेगी, जहां अभी बिडेन का पलड़ा भारी है। 2016 में 30 राज्यों में जीत हासिल कर वह राष्ट्रपति बने थे। इस बार उनमें कुछ राज्यों की हार के बावजूद वह दोबारा राष्ट्रपति बन सकते हैं। लेकिन इसके लिए ज्यादा वोट वालों राज्यों में जीत हासिल करना जरूरी है।



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डोनाल्ड ट्रम्प को दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए उन राज्यों में जीत हासिल करने पड़ेगी, जहां अभी बिडेन का पलड़ा भारी है।


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