बिहार चुनाव का बिगुल बज गया है, तारीखों ऐलान भी हो गया है और करीब-करीब उम्मीदवारों की घोषणा भी। इस बीच हाथरस कथित गैंगरेप घटना के बाद कांग्रेस ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में वह रेप के आरोपी को टिकट नहीं देगी। लेकिन, उसकी ही सहयोगी राजद ने रेप केस में सजा काट रहे और फरार विधायकों की पत्नियों को टिकट दिया है। वहीं जदयू ने उन्हीं मंजू वर्मा को टिकट दिया है, जिन्हें मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस के बाद पार्टी ने निलंबित किया था। मंजू वर्मा अभी जमानत पर हैं।

राजबल्लभ यादव : नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में उम्र कैद, पत्नी को मिला नवादा से टिकट

राजबल्लभ यादव नवादा से राजद विधायक हैं। बिहार के शायद ऐसे पहले विधायक, जिन्हें पद पर रहते हुए उम्र कैद की सजा मिली है। इस बार के चुनाव के लिए राजद ने इनकी पत्नी विभा देवी को नवादा से टिकट दिया है। पटना की एक विशेष अदालत ने इन्हें एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में दो साल पहले उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तब से वे जेल में हैं।

तारीख 6 फरवरी 2016, 15 साल की एक लड़की बिहारशरीफ में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला उसे एक बर्थडे पार्टी में चलने की बात कहकर नवादा से राजद विधायक राजबल्लभ के बंगले पर ले गई। जब नाबालिग लड़की वहां पहुंची तो देखा कि न तो कोई मेहमान यहां है और न ही कोई पार्टी हो रही है। एक कमरे में विधायक राजबल्लभ बैठा था।

उसने लड़की को अपने कमरे में बुलाया और उसे पोर्न वीडियो दिखाई और कहा कि जो कुछ उस वीडियो में हो रहा है, वह भी करे। लड़की ने ऐसा करने से इनकार किया तो धमकी दी, फिर गार्ड से कहा कि सब मिलकर इसका रेप करो। लड़की नहीं मानी तो विधायक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को ये बात न बताए इसके लिए 30 हजार रु और जान से मारने की धमकी भी दी।

विधायक की धमकी के बाद भी लड़की ने हिम्मत दिखाई और 9 फरवरी 2016 को बिहारशरीफ के महिला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। अगले दिन पुलिस लड़की को उस बंगले पर लेकर गई, जहां उसका रेप हुआ था। लड़की को कुछ तस्वीरें दिखाई गईं, जिसमें से उसने राजबल्लभ की पहचान कर ली। इसके बाद विधायक की गिरफ्तारी के आदेश जारी हुए तो राजबल्लभ फरार हो गए।

राजबल्लभ यादव नवादा से राजद विधायक हैं। पटना की विशेष अदालत ने उन्हें रेप केस में उम्र कैद की सजा सुनाई है।

राजद पर राजनीति दबाव बढ़ा तो पार्टी ने राजबल्लभ को निलंबित कर दिया। 10 मार्च 2016 को राजबल्लभ ने स्थानीय कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद मामला पटना की एक विशेष अदालत के पास गया, जहां 15 दिसंबर, 2018 को राजबल्लभ दोषी करार दिए गए। 21 दिसंबर को सजा का ऐलान हुआ और राजबल्लभ को ताउम्र जेल में जिंदगी गुजरने की सजा मिली।

राजबल्लभ के पिता कांग्रेसी थे, जबकि भाई कृष्ण प्रसाद यादव राजद के विधायक और लालू यादव के बहुत करीब रहे। उन्हीं की बदौलत 1990 में लालू को मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल हुई थी। कुछ दिन बाद सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।

योगेंद्र नारायण सरदार: रात में सोई हुई लड़की को घर से किडनैप कर गैंगरेप, 25 साल बाद उम्र कैद की सजा

करीब 26 साल पहले नवंबर 1994 की बात है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में लड़की अपनी मां के साथ घर पर सोई हुई थी। रात करीब 12 बजे योगेंद्र अपने साथियों के साथ उसके घर पहुंचे और उसके हाथ-पैर बांधकर उठा ले गए। दूसरी जगह ले जाकर सभी ने उसके साथ गैंग रेप किया। उसके प्राइवेट पार्ट को भी चोट पहुंचाई। किसी तरह लड़की जान बचाकर भाग पाई थी। इसके बाद लड़की ने अपने परिवार को आपबीती बताई।

तब राज्य में राजद की सरकार थी। योगेंद्र छतरपुर से राजद की सीट पर विधायक थे। मामला पुलिस तक पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो दिन तक केस दर्ज नहीं हुआ। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। उसके बाद पॉलिटिकल प्रेशर बढ़ा तो विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच हुई थी, इसमें डॉक्टरों ने रिपोर्ट में धारदार से हथियार कर नाजुक अंग को जख्मी करने की बात कही थी। करीब 25 साल बाद 31 जनवरी 2020 को सुपौल के कोर्ट ने विधायक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अरुण यादव : सेक्स रैकेट के केस में पति फरार, पत्नी को राजद ने बनाया उम्मीदवार

संदेश से राजद विधायक अरुण यादव पिछले 1 साल से फरार हैं। उनके ऊपर भी एक नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोप है। इस बार आरजेडी ने उनकी पत्नी किरण देवी को संदेश विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला पति के बड़े भाई विजेंद्र यादव से है। जिन्हें जदयू ने टिकट दिया है।

राजद विधायक अरुण यादव पर एक नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोप है। वे अभी फरार चल रहे हैं।

अरुण यादव पर पिछले साल एक नाबालिग ने दुष्कर्म और सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया था। लड़की ने कहा था कि नौकरी लगाने के नाम पर ये लोग लड़कियों को पटना बुलाते हैं और वहां उनसे दुष्कर्म करते हैं। वह लड़की जैसेतैसे इनके चंगुल से भागने में कामयाब रही थी। बाहर आकर पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई थी। उसने फेसबुक पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। इसके बाद अरुण यादव पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली गई है। अरुण यादव 2015 में भाजपा के संजय सिंह को हराकर विधायक बने थे।

राजकिशोर केसरी : कोर्ट से सजा नहीं मिली तो चाकू घोंप कर विधायक की हत्या

करीब एक दशक पहले बिहार के पूर्णिया में एक सनसनी फैला देने वाली घटना हुई थी। तारीख 4 जनवरी 2011, पूर्णिया के भाजपा विधायक राजकिशोर केसरी अपने आवास पर जनता दरबार लगाए हुए थे, लोगों की समस्याओं के समाधान में जुटे थे कि एक महिला अचानक से उनके पास पहुंची और धारदार चाकू से एक के बाद एक उनपर कई हमले कर दिए। चारों तरफ सनसनी फैल गई, विधायक को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

विधायक की हत्या जिस महिला ने की थी, उनका नाम था रूपम पाठक। वही रूपम पाठक, जिन्होंने घटना के एक साल पहले विधायक पर रेप का आरोप लगाया था। रुपम पूर्णिया के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाती थीं। उन्होंने विधायक पर आरोप लगाया था कि विधायक ने पिछले तीन साल से उनके साथ दुष्कर्म किया है। हालांकि, कोर्ट में वह इसे साबित नहीं कर पाई थीं। रूपम पाठक अभी उम्र कैद की सजा काट रही हैं। विधायक की हत्या के बाद उपचुनाव में भाजपा ने राजकिशोर की पत्नी किरन देवी को मैदान में उतारा था और जीत भी गईं थीं।

गुलाब यादव : इस बार नहीं मिला झंझारपुर से टिकट

गुलाब यादव बिहार के झंझारपुर से राजद के विधायक हैं। इस बार उनका टिकट कट गया है। यह सीट राजद की सहयोगी भाकपा माले के खाते में गई है। इससे पहले गुलाब यादव 2019 लोकसभा का भी चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2015 के विधानसभा में दिए अपने एफिडेविट में उन्होंने अपने ऊपर रेप के केस की जानकारी दी थी। 2006 में दो दलित लड़कियों ने उनपर रेप का आरोप लगाया था, हालांकि बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।



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राजबल्लभ यादव, योगेन्द्र नारायण सरदार, अरुण यादव, राजकिशोर केसरी और गुलाब यादव। (ऊपर से नीचे)


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